Welcome, Guest. Please login or register.
Did you miss your activation email?
January 20, 2018, 06:56:01 AM

Login with username, password and session length

Author Topic: प्रतीक्षा  (Read 574 times)

Jags

प्रतीक्षा
« on: June 11, 2010, 01:03:07 PM »
0
उस पलाश के नीचे

यादों में छिपाकर रखा है
वही अकेला पलाश के फूलों का पौधा
जो हम दोनो का साथी था
जहा हम मिलते दो अजनबी की तरह
मुस्कुरालेते,नज़रे मिलाते
पर कभी कुछ कह नही पाए
दो अनजान मुसाफिरो की तरह
बरबस पलाश को देखते रहते
वही किया करता फिर
हम दोनो की दिल की बाते
घंटो रुककर उसका संगीत सुनते
शाम ढलने पर फिर उसे अकेला छोड़ते
कल के मिलन के इंतज़ार में.
ज़िंदगी में कुछ अजीब मोड आए
और पलाश के फूल तन्हा हो गये
एक दिन हमने पूछी उसे तेरी खबर
पर वो गुमसूम ही खड़ा था
ना कुछ कहा,ना गीत गाया
मुझ संग रो पड़ा था
अब अक्सर आती हूँ मैं
फिर उस पलाश के नीचे
पलाश पर फूल खिलते है आज भी
पलाश के फूल महेकते है आज भी
हम दोनो तेरी राह देखते है आज भी
तेरे बिना मैं और पलाश के फूल अधूरे लगते है
तू आए तो फिर हम पूरे हो सकते है
सोचती हूँ क्या तुम हमे याद करते हो कभी
मेरी तरह तुम भी
पलाश की तरफ मुड़कर आते हो कभी?
[NM]

ShayarFamily--> Shayaro Ki Mehfil

प्रतीक्षा
« on: June 11, 2010, 01:03:07 PM »

Raagini

Re: प्रतीक्षा
« Reply #1 on: June 11, 2010, 02:35:16 PM »
0
Beautiful Sharing Jags  :cl:  :cl:  :cl:

Jags

Re: प्रतीक्षा
« Reply #2 on: June 11, 2010, 02:46:15 PM »
0
धन्यवाद जी.. अब आपकी तरह शायरी करना तो आता नहीं इसलिए शेरिंग से ही काम चला लेता हूँ.... :)

just_waiting

Re: प्रतीक्षा
« Reply #3 on: June 13, 2010, 06:52:22 PM »
0
jags ji bahut sunder rachna hai...
 bahut deep sochte hai aap....
 :hail: :hail: :hail: :hail: :hail: :hail:

Radhika

Re: प्रतीक्षा
« Reply #4 on: June 16, 2010, 12:19:14 PM »
0
:cl:  :cl: bohat khoob very nice sharing jags ji..

ShayarFamily--> Shayaro Ki Mehfil

Re: प्रतीक्षा
« Reply #4 on: June 16, 2010, 12:19:14 PM »

 

Recent

Members
Stats
  • Total Posts: 64021
  • Total Topics: 2644
  • Online Today: 28
  • Online Ever: 109
  • (April 13, 2017, 11:56:38 PM)
Users Online
Users: 0
Guests: 18
Total: 18